कविता

हाथ में देश का झण्डा है आग लगाना तो धन्धा है... लूट पाट कर बदलेंगे राज शान्त विरोध प्रोपोगन्डा है....…

कविता

हाथ में देश का झण्डा है आग लगाना तो धन्धा है... लूट…

मैं चुप हूँ

कश्मीर में हिन्दू मरेमैं चुप हूँ... पहलगाम में हिन्दू मरेमैं चुप हूँ...…

भारत का लोकतंत्र किसी विदेशी पटकथा से नहीं चलेगा

✍️दीपक कुमार द्विवेदी दिल्ली की सड़कों पर पिछले कुछ दिनों से और…

वक़्त, सब्र और मुक़ाम

स्कूल के वो लकड़ी के बेंच और बचपन का वो मासूम दौर…

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